महाकाल मंदिर: उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पास एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां होटल बुकिंग और भस्म आरती के नाम पर श्रद्धालु के साथ ठगी कर ली गई। यह घटना उन भक्तों के लिए एक चेतावनी बनकर सामने आई है जो ऑनलाइन माध्यम से मंदिर से जुड़ी सेवाओं की बुकिंग करते हैं। बताया जा रहा है कि बिहार से आने वाले एक श्रद्धालु से करीब 17 हजार रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई और जब वह उज्जैन पहुंचे तो उन्हें पता चला कि उनकी कोई बुकिंग ही नहीं है।
होटल सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर हुई ऑनलाइन ठगी
जानकारी के अनुसार यह मामला उज्जैन में श्री महाकालेश्वर मंदिर के पास स्थित होटल सम्राट विक्रमादित्य से जुड़ा हुआ है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी संजय मिश्रा के परिचित बिहार से उज्जैन आने वाले थे। उनके ठहरने के लिए होटल सम्राट विक्रमादित्य में ऑनलाइन कमरा बुक किया गया था।
कमरा बुकिंग के नाम पर करीब साढ़े नौ हजार रुपये ऑनलाइन जमा किए गए थे। श्रद्धालु को लगा कि अब उसकी यात्रा पूरी तरह सुरक्षित हो गई है और उज्जैन पहुंचने पर उसे किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
भस्म आरती के नाम पर भी लिए गए पैसे
होटल बुकिंग के अलावा महाकाल मंदिर की प्रसिद्ध भस्म आरती में शामिल होने के लिए भी ऑनलाइन पैसे जमा कराए गए। इस प्रक्रिया के लिए करीब साढ़े सात हजार रुपये का भुगतान किया गया था। श्रद्धालु को भरोसा दिलाया गया था कि उसकी भस्म आरती की व्यवस्था भी कर दी गई है।
लेकिन जब बिहार से आए श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे तो उन्हें बड़ा झटका लगा। होटल के कर्मचारियों ने साफ कहा कि उनके नाम से कोई भी कमरा बुक नहीं किया गया है। इसके बाद पूरे मामले में धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।
फर्जी वेबसाइट के जरिए की गई ठगी
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस को शिकायत दी गई है। महाकाल थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि होटल की बुकिंग जिस वेबसाइट के माध्यम से की गई थी वह फर्जी वेबसाइट हो सकती है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि बुकिंग के दौरान दिए गए बार कोड पर किसी बलराम गुर्जर नाम के व्यक्ति का नाम दिखाई दे रहा है। इससे यह आशंका और भी मजबूत हो गई है कि पूरी बुकिंग प्रक्रिया किसी फर्जी नेटवर्क के जरिए की गई थी।
पुलिस कर रही मामले की जांच
महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल के अनुसार शिकायत मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर यह फर्जी वेबसाइट किसने बनाई और पैसे किस खाते में ट्रांसफर हुए।
पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही श्रद्धालुओं से भी अपील की जा रही है कि वे किसी भी होटल या धार्मिक सेवा की बुकिंग केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही करें।
श्रद्धालुओं के लिए बड़ी चेतावनी
यह घटना उन हजारों श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो हर दिन उज्जैन में महाकाल मंदिर के दर्शन के लिए आते हैं। ऑनलाइन बुकिंग करते समय हमेशा आधिकारिक वेबसाइट की जांच करना बेहद जरूरी है। कई बार फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों से पैसे ठग लिए जाते हैं और बाद में पीड़ितों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उज्जैन में सामने आया यह मामला बताता है कि डिजिटल युग में सुविधा के साथ सावधानी भी उतनी ही जरूरी है। महाकाल मंदिर में दर्शन और भस्म आरती के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी बुकिंग से पहले पूरी जानकारी और वेबसाइट की सत्यता जरूर जांचनी चाहिए ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।

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