States Madhya Pradesh Ujjain News Agriculture Aaj ka rashifal Country and World Life Style

उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे स्वीकृत होते ही किसानों में खुशी, फिर भी मुआवजे को लेकर उठी बड़ी मांग

By Dainik Jan Times

Published on: March 15, 2026

Follow Us

उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे स्वीकृत होते ही किसानों में खुशी, फिर भी मुआवजे को लेकर उठी बड़ी मांग

---Advertisement---

उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे को नॉर्मल हाईवे के रूप में स्वीकृति मिलने के बाद प्रभावित किसानों में संतोष का माहौल है। इस फैसले के बाद करीब 62 गांवों के लगभग 400 किसान भोपाल पहुंचे और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया। हालांकि किसानों ने उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण के लिए वास्तविक बाजार मूल्य के अनुसार मुआवजा देने की मांग भी दोहराई।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान किसानों ने परियोजना से जुड़ी अपनी प्रमुख मांगों को विस्तार से रखा। मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा और उन्हें न्यायसंगत मुआवजा देने का प्रयास किया जाएगा।

उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे को नॉर्मल हाईवे बनाने की मांग पूरी

किसानों के अनुसार शुरुआत में उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना को एक्सेस कंट्रोल रोड के रूप में विकसित करने की योजना थी। इससे आसपास के गांवों की कनेक्टिविटी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी।

किसानों ने लगातार मांग की थी कि उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे को नॉर्मल हाईवे के रूप में बनाया जाए, ताकि गांवों का आवागमन प्रभावित न हो। मुख्यमंत्री द्वारा इस मांग को स्वीकार किए जाने के बाद किसानों ने संतोष व्यक्त किया और इसे ग्रामीणों के हित में बड़ा निर्णय बताया।

जमीन अधिग्रहण के लिए बाजार मूल्य पर मुआवजे की मांग

किसानों की दूसरी बड़ी मांग जमीन अधिग्रहण के लिए वास्तविक बाजार मूल्य के अनुसार मुआवजा देने की रही। किसानों ने मुख्यमंत्री से कहा कि उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना में मुआवजा तय करते समय जमीन की वास्तविक कीमत को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों को आश्वासन दिया कि उज्जैन–इंदौर ग्रीनफील्ड रोड की तरह इस परियोजना में भी किसानों को उचित मुआवजा देने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने किसानों से सरकार पर भरोसा बनाए रखने की अपील भी की।

कम मुआवजा मिलने का किसानों का आरोप

किसानों का आरोप है कि जिला प्रशासन द्वारा तय की गई मुआवजा राशि जमीन के वास्तविक बाजार मूल्य से काफी कम है। उनके अनुसार वर्ष 2024–25 की गाइडलाइन में जमीन की कीमतों में बहुत कम बढ़ोतरी की गई है।

किसानों का कहना है कि कई जगहों पर यह बढ़ोतरी केवल लगभग 1700 रुपये प्रति हेक्टेयर से लेकर 5 से 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक ही सीमित है, जो वास्तविक बाजार मूल्य की तुलना में बेहद कम है।

उज्जैन–इंदौर परियोजना का दिया उदाहरण

किसानों ने उज्जैन–इंदौर ग्रीनफील्ड रोड परियोजना का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कई गांवों में किसानों को करीब 45 लाख रुपये प्रति बीघा तक मुआवजा दिया गया था।

इसके मुकाबले उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना में किसानों को केवल 2 से 4 लाख रुपये प्रति बीघा का प्रस्ताव दिया जा रहा है। किसानों का कहना है कि यह राशि बेहद कम है और इससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

किसानों ने सरकार से मांग की है कि उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना में जमीन अधिग्रहण के लिए उचित और न्यायसंगत मुआवजा तय किया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को राहत मिल सके।

Leave a Comment