मेटा छंटनी को लेकर सामने आई रिपोर्ट ने वैश्विक टेक उद्योग में चिंता बढ़ा दी है। मार्क जुकरबर्ग की अगुवाई वाली कंपनी Meta अपने वैश्विक कर्मचारियों के लगभग 20 प्रतिशत हिस्से को हटाने की योजना बना रही है। यदि यह फैसला लागू होता है तो करीब 15 हजार से अधिक कर्मचारियों की नौकरी प्रभावित हो सकती है। कंपनी यह कदम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI पर बड़े निवेश की रणनीति के तहत उठा सकती है।
मेटा छंटनी: AI निवेश बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला
मेटा छंटनी की चर्चा इसलिए तेज हो गई है क्योंकि कंपनी आने वाले वर्षों में AI तकनीक पर भारी निवेश करने की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार Meta डेटा सेंटर, AI स्टार्टअप अधिग्रहण और नई तकनीक विकसित करने पर अरबों डॉलर खर्च करने की योजना बना रही है।
कंपनी ने पहले ही Superintelligence Labs नामक नई यूनिट बनाई है, जिसका नेतृत्व अलेक्जेंडर वांग कर रहे हैं। Meta ने उनकी कंपनी Scale AI को लगभग 14.5 अरब डॉलर में खरीदकर इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया है। बताया जा रहा है कि कंपनी 2028 तक AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगभग 600 अरब डॉलर तक निवेश करने की योजना बना सकती है।
20 प्रतिशत कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा
मेटा छंटनी से जुड़ी रिपोर्ट के अनुसार कंपनी के पास दिसंबर 2025 तक करीब 79 हजार कर्मचारी थे। यदि 20 प्रतिशत कर्मचारियों को हटाया जाता है तो लगभग 15 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हो सकते हैं।
टेक विशेषज्ञों का मानना है कि AI के बढ़ते उपयोग के कारण बड़ी कंपनियां कम कर्मचारियों के साथ भी अधिक काम करने में सक्षम हो रही हैं। खुद मार्क जुकरबर्ग ने पहले कहा था कि जिन प्रोजेक्ट्स के लिए पहले बड़ी टीम की जरूरत होती थी, अब उन्हें एक प्रतिभाशाली व्यक्ति भी पूरा कर सकता है।
Meta के इतिहास की सबसे बड़ी छंटनी हो सकती है
मेटा छंटनी अगर लागू होती है तो यह कंपनी के इतिहास की सबसे बड़ी छंटनी साबित हो सकती है। इससे पहले नवंबर 2022 में Meta ने लगभग 11 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था। इसके चार महीने बाद कंपनी ने करीब 10 हजार और कर्मचारियों की छंटनी की थी।
हालांकि इस बार की संभावित छंटनी का पैमाना उससे भी बड़ा हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को पहले से इस दिशा में योजना बनाने के संकेत दिए गए हैं, लेकिन अभी तक किसी निश्चित तारीख की घोषणा नहीं हुई है।
AI रेस में पीछे पड़ने की चिंता
मेटा छंटनी की खबर ऐसे समय आई है जब कंपनी के AI प्रोजेक्ट को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार Meta का नया टेक्स्ट आधारित AI मॉडल Avocado फिलहाल देरी का सामना कर रहा है क्योंकि वह आंतरिक परीक्षणों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाया।
इसी बीच कंपनी AI स्टार्टअप्स को खरीदने में भी भारी निवेश कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार Meta एक चीनी AI स्टार्टअप Manus को खरीदने के लिए कम से कम 2 अरब डॉलर खर्च कर सकती है। इसके अलावा कंपनी ने हाल ही में AI आधारित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Moltbook खरीदने की योजना भी घोषित की है।
AI निवेश के कारण अन्य कंपनियों में भी छंटनी
मेटा छंटनी का मामला टेक उद्योग में अकेला नहीं है। कई बड़ी कंपनियां AI पर खर्च बढ़ाने के लिए कर्मचारियों की संख्या कम कर रही हैं।
इस साल जनवरी में Amazon ने लगभग 16 हजार कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की थी। इसके अलावा Atlassian ने भी करीब 1600 कर्मचारियों को नौकरी से हटाने का फैसला लिया। Microsoft, Accenture और TCS जैसी कंपनियां भी AI निवेश बढ़ाने के लिए इसी तरह के कदम उठा चुकी हैं।
टेक उद्योग में तेजी से बढ़ती AI प्रतिस्पर्धा के कारण आने वाले समय में ऐसी खबरें और भी बढ़ सकती हैं।

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