दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। दिल्ली ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए परिवहन विभाग केंद्र सरकार से सहयोग लेने की योजना बना रहा है। इसके लिए पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत केंद्र को प्रस्ताव भेजा जाएगा। दिल्ली ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार का उद्देश्य राजधानी में तेजी से बढ़ रहे इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार राजधानी में सार्वजनिक चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग पॉइंट्स की संख्या को मौजूदा 9000 से बढ़ाकर 36000 तक करने की योजना है।
दिल्ली ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने की तैयारी
दिल्ली ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (DTL) को नोडल एजेंसी बनाने की योजना है। यह एजेंसी चार्जिंग स्टेशनों की योजना, समन्वय और कार्यान्वयन का काम संभालेगी।
अधिकारियों के मुताबिक DTL विभिन्न विभागों और एजेंसियों से मांग, स्थान और बिजली की जरूरतों से जुड़ी जानकारी एकत्र करेगा। इसके आधार पर चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए चरणबद्ध योजना बनाई जाएगी। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बिजली ग्रिड इन सुविधाओं के लिए पूरी तरह तैयार हो।
नई नीति के तहत तेजी से बढ़ेंगे चार्जिंग स्टेशन
सरकार दिल्ली ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से बढ़ाने के लिए एक डिजिटल पोर्टल भी तैयार करेगी। इस पोर्टल के जरिए चार्जिंग स्टेशनों से जुड़े सभी काम जैसे साइट मंजूरी, मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग ऑनलाइन की जा सकेगी।
इसके अलावा चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग ऑपरेटरों के लिए सिंगल विंडो सुविधा भी शुरू की जाएगी। इससे आवश्यक मंजूरियां जल्दी मिल सकेंगी और शहर में सार्वजनिक तथा अर्ध-सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना आसान हो जाएगी।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर सरकार का फोकस
नई ईवी नीति के तहत दिल्ली सरकार का मुख्य लक्ष्य शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ाना है। इस योजना में खासतौर पर लगभग 58 लाख दोपहिया वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार इसके लिए सब्सिडी और पुराने वाहनों को स्क्रैप करने पर प्रोत्साहन देने जैसी योजनाएं भी लागू करेगी। इससे प्रदूषण कम करने और पर्यावरण को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बैटरी रीसाइक्लिंग के लिए भी बनाई जाएगी व्यवस्था
दिल्ली ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ सरकार बैटरी रीसाइक्लिंग व्यवस्था को भी मजबूत करने की योजना बना रही है। पर्यावरण विभाग बैटरी वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2022 के तहत सख्त पालन सुनिश्चित करेगा।
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत बैटरी कलेक्शन सेंटर स्थापित करने की योजना तैयार करेगी। इससे इस्तेमाल की गई बैटरियों को सुरक्षित तरीके से एकत्रित कर अधिकृत रीसाइक्लिंग इकाइयों तक पहुंचाया जा सकेगा।
सरकार का मानना है कि इन सभी कदमों से दिल्ली ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा और राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग तेजी से बढ़ेगा।

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