मध्य पूर्व में जारी अमेरिका ईरान युद्ध लगातार और गंभीर होता जा रहा है। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दावा किया है कि अमेरिका इस संघर्ष में बढ़त बना रहा है और आज ईरान के खिलाफ सबसे तीव्र सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि युद्ध कब खत्म होगा, इसका अंतिम फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही करेंगे।
अमेरिका ईरान युद्ध में आज सबसे तीव्र हमले की तैयारी
पेंटागन प्रमुख पीट हेगसेथ ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अमेरिका ईरान युद्ध के दौरान आज ईरान के अंदर सबसे तीव्र सैन्य हमले किए जा सकते हैं। उनके अनुसार इस अभियान में अधिक संख्या में लड़ाकू विमान, बमवर्षक और मिसाइल हमले शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि अमेरिका का लक्ष्य स्पष्ट है और तब तक कार्रवाई जारी रहेगी जब तक दुश्मन को पूरी तरह पराजित नहीं कर दिया जाता। हेगसेथ के मुताबिक अमेरिका तीन प्रमुख उद्देश्यों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
पहला लक्ष्य ईरान की मिसाइल क्षमता को खत्म करना है। दूसरा उद्देश्य उसकी नौसेना को कमजोर करना है। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके।
ईरान का जवाब, संघर्ष जारी रखने की चेतावनी
अमेरिका ईरान युद्ध के बीच ईरान के नेताओं ने भी कड़ा रुख अपनाया है। ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारिजानी ने कहा कि बाहरी ताकतें उनके देश को खत्म नहीं कर सकतीं।
उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा कि उनसे कहीं ज्यादा शक्तिशाली ताकतें भी ईरान को समाप्त नहीं कर सकीं। जो भी ऐसा करने की कोशिश करता है, वह खुद ही नष्ट हो जाता है।
ईरान लगातार यह कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है और वह परमाणु हथियार विकसित नहीं कर रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव
अमेरिका ईरान युद्ध का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ने लगा है। ईरानी सेना ने खाड़ी देशों के कुछ तेल प्रतिष्ठानों पर हमले किए हैं और रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ गया है।
यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा व्यापार मार्गों में से एक है। हाल के घटनाक्रम के बाद यहां से तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों में तेजी देखी जा रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि तेल जहाजों को इस मार्ग से गुजरने नहीं दिया गया तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
इजराइल की कार्रवाई और अलग रणनीति
अमेरिका ईरान युद्ध के दौरान इजराइल भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। पिछले सप्ताह इजराइल ने तेहरान के तेल डिपो पर हमला किया था, जिससे शहर में बड़े पैमाने पर आग और धुआं फैल गया।
हालांकि पेंटागन प्रमुख ने कहा कि इजराइल की अपनी रणनीति और उद्देश्य हो सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान की ऊर्जा संरचना पर हमला करना जरूरी नहीं कि अमेरिका की प्राथमिक रणनीति का हिस्सा हो।
उनके अनुसार अमेरिका अपने घोषित सैन्य उद्देश्यों पर ही ध्यान केंद्रित कर रहा है।
युद्ध की अवधि पर अनिश्चितता
अमेरिका ईरान युद्ध कितने समय तक चलेगा, इस सवाल पर पेंटागन प्रमुख ने कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने मिशन स्पष्ट कर दिया है और सेना का काम उसे पूरा करना है।
हेगसेथ के अनुसार युद्ध की गति और अवधि पर अंतिम निर्णय राष्ट्रपति ही लेंगे। फिलहाल अमेरिकी सेना लगातार सैन्य कार्रवाई जारी रखे हुए है।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ती जा रही है और कई देशों ने क्षेत्र में स्थिरता की अपील की है।

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