छत्तीसगढ़ राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक तस्वीर लगभग साफ होती नजर आ रही है। राज्य की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की उम्मीदवार फूलो देवी नेताम के निर्विरोध चुने जाने की संभावना है। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए दोनों दल आसानी से अपने-अपने उम्मीदवारों को राज्यसभा भेज सकते हैं।
राज्यसभा की ये दोनों सीटें 9 अप्रैल 2026 के बाद खाली होने वाली हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति तय कर ली है और अब नजर नामांकन वापसी की प्रक्रिया पर है।
छत्तीसगढ़ राज्यसभा चुनाव में क्या है जीत का गणित
छत्तीसगढ़ राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को कम से कम 31 विधायकों के प्रथम वरीयता मतों की आवश्यकता होती है। यह संख्या एक तय फार्मूले के आधार पर निकाली जाती है, जिसमें कुल विधायकों की संख्या को खाली सीटों और एक अतिरिक्त संख्या से विभाजित कर उसमें एक जोड़ दिया जाता है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में कुल 90 सदस्य हैं और इस बार दो सीटों पर चुनाव होना है। इस गणना के अनुसार जीत के लिए 31 वोटों की जरूरत पड़ती है।
विधानसभा में दलों की स्थिति
छत्तीसगढ़ राज्यसभा चुनाव में विधानसभा की मौजूदा स्थिति भाजपा और कांग्रेस दोनों के पक्ष में दिखाई दे रही है। 90 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के पास 54 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 35 विधायक हैं। इसके अलावा एक विधायक गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से हैं।
इन आंकड़ों के आधार पर भाजपा अपने एक उम्मीदवार को आसानी से जिताने की स्थिति में है, जबकि कांग्रेस के पास भी अपने उम्मीदवार को विजयी बनाने के लिए पर्याप्त वोट मौजूद हैं।
निर्विरोध जीत की संभावना क्यों
छत्तीसगढ़ राज्यसभा चुनाव में अब तक किसी तीसरे उम्मीदवार के मैदान में उतरने की संभावना नहीं जताई गई है। यदि नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 9 मार्च तक कोई अन्य उम्मीदवार सामने नहीं आता, तो भाजपा की लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की फूलो देवी नेताम निर्विरोध निर्वाचित हो सकती हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव दोनों दलों की रणनीति को भी दर्शाता है। भाजपा ने लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बनाकर अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) प्रतिनिधित्व को मजबूत करने का प्रयास किया है।
कांग्रेस ने फिर जताया नेताम पर भरोसा
छत्तीसगढ़ राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस ने फूलो देवी नेताम को फिर से उम्मीदवार बनाया है। नेताम बस्तर क्षेत्र की वरिष्ठ आदिवासी नेता हैं और वर्तमान में राज्य महिला कांग्रेस की अध्यक्ष भी हैं।
उनका दोबारा उम्मीदवार बनाया जाना कांग्रेस के आदिवासी समुदाय में मजबूत राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
राज्यसभा में छत्तीसगढ़ के सांसद
छत्तीसगढ़ राज्यसभा चुनाव के बाद राज्य के प्रतिनिधित्व में आंशिक बदलाव देखने को मिल सकता है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ से राज्यसभा में कुल पांच सांसद हैं।
फूलो देवी नेताम और केटीएस तुलसी का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है। वहीं कांग्रेस के राजीव शुक्ला और रंजीत रंजन का कार्यकाल जून 2028 तक जारी रहेगा। इसके अलावा देवेंद्र प्रताप सिंह का कार्यकाल अप्रैल 2030 तक रहेगा।
छत्तीसगढ़ राज्यसभा चुनाव के मौजूदा समीकरणों को देखते हुए यह लगभग तय माना जा रहा है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों अपने-अपने उम्मीदवारों को बिना किसी मुकाबले के राज्यसभा भेजने में सफल रहेंगे।

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