बुद्धेश्वर महादेव: शिवरात्रि का पावन पर्व आते ही पूरे प्रदेश में भक्ति और आस्था की लहर दौड़ जाती है। इस बार बड़नगर में आस्था का ऐसा अद्भुत दृश्य देखने को मिला जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। श्री बुद्धेश्वर महादेव का शृंगार 1 करोड़ 31 लाख रुपये के नोटों से किया गया और इस अनोखे दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
बड़नगर में अद्भुत भक्ति का दृश्य
श्री बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में शिवरात्रि मेले के दौरान भगवान का शृंगार अलग ही भव्यता लिए हुए नजर आया। 1 2 5 10 20 50 100 200 और 500 रुपये के नोटों की गड्डियों से सजे महादेव के इस रूप ने हर भक्त का मन मोह लिया। जैसे ही मंदिर के पट खुले दर्शन के लिए लोगों की लंबी कतारें लग गईं।
यह परंपरा पिछले छह वर्षों से लगातार निभाई जा रही है। शुरुआत 21 लाख रुपये से हुई थी और अब यह आस्था का स्वरूप बढ़ते हुए 1 करोड़ 31 लाख रुपये तक पहुंच गया है। खास बात यह है कि शृंगार में लगने वाली पूरी राशि श्रद्धालु स्वयं अपने पास से लाकर देते हैं और कार्यक्रम के बाद उन्हें वापस लौटा दी जाती है।
तीन दिन तक होते हैं विशेष दर्शन
इस भव्य शृंगार को तीन दिन तक भक्तों के दर्शन के लिए रखा जाता है। मंदिर परिसर में 10 दिवसीय मेला भी आयोजित किया गया है जहां रंग बिरंगे खिलौने मिठाइयां और चाट की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखी जा रही है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक हर कोई इस धार्मिक उत्सव का हिस्सा बन रहा है।
मंदिर समिति के सदस्य कपिल वेद अमन सोलंकी रूपेश शर्मा राजकुमार पड़िहार इशू सोनगरा राहुल बापू कुशल गेहलोद और मेलाध्यक्ष संदीप खटोड़ ने बताया कि यह आयोजन पूरी श्रद्धा और पारदर्शिता के साथ किया जाता है। श्रद्धालुओं का सहयोग ही इस भव्यता की असली ताकत है।
महिदपुर में अखंड रामायण पाठ का आयोजन
वहीं महिदपुर में भी धार्मिक वातावरण देखने को मिला। श्री चमत्कारी बाबा बाल हनुमान मंदिर परिसर स्थित कन्हैया सुदामा गोशाला में एक दिवसीय अखंड रामायण पाठ का आयोजन किया गया। पूजन अर्चन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई और नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी लोग शामिल हुए।
मंदिर के पुजारी भरत उपाध्याय के अनुसार मंगलवार को यज्ञाचार्य पंडितों द्वारा पूर्णाहुति दी गई। इसके बाद महाआरती और महाप्रसादी का आयोजन हुआ जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। पूरे क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का माहौल बना रहा।
शिवरात्रि और ऐसे धार्मिक आयोजनों के माध्यम से लोगों में आस्था और एकता का संदेश फैलता है। बड़नगर और महिदपुर के ये आयोजन यह दर्शाते हैं कि आज भी परंपराएं और श्रद्धा समाज को एक सूत्र में बांधे हुए हैं।

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