Ujjain: राजस्थान के कोटा जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। रविवार को हुए एक भीषण सड़क हादसे में उत्तर प्रदेश के चार दोस्तों की जान चली गई। यह सभी युवक घूमने के लिए निकले थे और उज्जैन में महाकाल के दर्शन कर वापस लौट रहे थे। सोमवार को परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई और शव परिजनों को सौंप दिए गए। मामले की जांच चेचट थाना पुलिस द्वारा की जा रही है।
मृतकों की पहचान और परिवार की पीड़ा
चेचट थाने के एएसआई पुरुषोत्तम मीणा के अनुसार मृतकों की पहचान लखनऊ निवासी श्रेष्ठ बाजपेई कानपुर निवासी प्रांजुल चतुर्वेदी और अंकुश दुबे तथा गोंडा निवासी अंश प्रताप सिंह के रूप में हुई है। हादसे के समय युवकों के मोबाइल पर लगातार घर से फोन आ रहे थे। जब पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया तो यह बात सामने आई कि परिवार को यह भी जानकारी नहीं थी कि वे किसके साथ यात्रा पर निकले थे।
अंश प्रताप सिंह के पिता दिल्ली में सीआरपीएफ में तैनात हैं। परिवार को यह भी नहीं पता था कि वह उज्जैन कब गया। बताया गया कि अंश दिल्ली में पढ़ाई कर रहा था। अचानक आई इस खबर ने परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। घरों में मातम पसरा हुआ है और हर आंख नम है।
तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह
पुलिस जांच और हाईवे पर लगे सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल में सामने आया है कि जिस कार में चारों युवक सवार थे उसकी रफ्तार 120 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच थी। प्राथमिक जांच में तेज रफ्तार को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। उज्जैन में दर्शन करने के बाद वे उत्तर प्रदेश लौट रहे थे तभी यह दर्दनाक हादसा हुआ।
पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरे को सामने ला दिया है।
यह घटना न सिर्फ चार परिवारों के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक गहरी चेतावनी है कि सड़क पर सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। कुछ पलों की जल्दबाजी जिंदगी भर का दर्द दे सकती है।

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