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MP: चिमनगंज पुलिस का बड़ा खुलासा म्यूल अकाउंट के जरिए साइबर फ्रॉड का नेटवर्क बेनकाब एक आरोपी गिरफ्तार

By Dainik Jan Times

Published on: February 20, 2026

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आज हम आपको साइबर अपराध से जुड़ी एक ऐसी खबर बता रहे हैं जो हर आम नागरिक के लिए चेतावनी भी है और सीख भी। चिमनगंज पुलिस ने साइबर फ्रॉड के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। यह गिरोह लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था और फिर उन्हीं खातों से अवैध लेनदेन को अंजाम देता था।

लालच देकर खुलवाए जाते थे बैंक खाते

मामले की शुरुआत मंगल नगर कॉलोनी निवासी विशाल चौहान की शिकायत से हुई। विशाल ने बताया कि चंद्रावतीगंज सांवेर निवासी वाजिद नाम के व्यक्ति ने उन्हें बैंक खाता खुलवाने का लालच दिया। आरोपी ने कहा कि वह उनके नाम पर खाता खुलवाएगा और हर ट्रांजैक्शन पर मोटा कमीशन मिलेगा।

इसके लिए आरोपी ने आधार कार्ड पैन कार्ड और पांच हजार रुपये लिए। उसने भरोसा दिलाया कि खाते में बड़ी रकम आएगी और उन्हें अच्छा लाभ मिलेगा। जब खाते में कोई रकम नहीं आई और पूरी प्रक्रिया संदिग्ध लगी तो विशाल को शक हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई

शिकायत मिलते ही चिमनगंज पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 चार के तहत केस दर्ज किया और उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस को अंतरराज्यीय कनेक्शन की भी आशंका है और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क केवल एक शहर तक सीमित नहीं हो सकता। ऐसे मामलों में अक्सर कई राज्यों के लोग जुड़े होते हैं जो संगठित तरीके से साइबर अपराध को अंजाम देते हैं।

म्यूल अकाउंट के जरिए होता था लाखों का खेल

जांच में सामने आया कि आरोपी दूसरे लोगों के नाम पर डमी बैंक खाते तैयार करता था। इन खातों को म्यूल अकाउंट कहा जाता है। इन खातों से रोजाना करीब एक लाख रुपये तक का संदिग्ध लेनदेन हो रहा था।

पुलिस के अनुसार इन खातों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड ऑनलाइन गेमिंग और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी अवैध रकम को इधर से उधर करने के लिए किया जा रहा था। असली अपराधी इन खातों के जरिए पैसे को ट्रांसफर कर खुद को सुरक्षित रखने की कोशिश करते थे जबकि खाते के नाम पर फंसा व्यक्ति कानूनी परेशानी में आ सकता है।

आम लोगों के लिए चेतावनी

यह मामला इस बात की साफ चेतावनी है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपना बैंक खाता खुलवाना या दस्तावेज सौंपना बेहद खतरनाक हो सकता है। कुछ हजार रुपये के लालच में लोग अनजाने में बड़े साइबर अपराध का हिस्सा बन जाते हैं।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध प्रस्ताव से सतर्क रहें और तुरंत पुलिस को सूचना दें। साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

जांच जारी और और खुलासों की संभावना

फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी भी सामने आएगी। यदि अंतरराज्यीय कनेक्शन की पुष्टि होती है तो मामला और बड़ा रूप ले सकता है।

साइबर अपराध की यह कहानी हमें यह समझाती है कि डिजिटल युग में सतर्क रहना कितना जरूरी है। एक छोटी सी लापरवाही बड़ी मुसीबत में बदल सकती है।

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