आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हम सब किसी न किसी तरह के तनाव से गुजर रहे हैं। गैजेट्स पर बढ़ती निर्भरता अव्यवस्थित दिनचर्या और अनियमित खानपान ने शरीर के साथ साथ दिमाग पर भी बुरा असर डाला है। तनाव चिंता और एंग्जाइटी जैसी समस्याएं अब आम हो चुकी हैं। ऐसे समय में एक बेहद आसान और प्राकृतिक तरीका आपकी जिंदगी बदल सकता है और वह है रोजाना पांच मिनट की डीप ब्रीदिंग।
नेशनल हेल्थ मिशन की खास सलाह
नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार गहरी सांस लेना सिर्फ सांस की क्रिया नहीं बल्कि दिमाग को शांत करने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका है। रोजाना कुछ मिनट का अभ्यास मानसिक शांति देने के साथ शरीर को भी ऊर्जा से भर देता है। यह तरीका इतना आसान है कि इसे घर ऑफिस या सफर के दौरान कभी भी किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित डीप ब्रीदिंग से मानसिक समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इससे नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है मूड सकारात्मक रहता है और दिन भर एनर्जी बनी रहती है। लगातार अभ्यास करने से ब्लड प्रेशर संतुलित रहता है और मांसपेशियों का तनाव कम होता है।
कैसे करें सही तरीके से गहरी सांस
गहरी सांस लेने के लिए किसी शांत जगह पर सीधे बैठ जाएं। नाक से धीरे धीरे गहरी सांस लें और पेट को बाहर की ओर फुलाएं। यह पेट की सांस होती है जो शरीर में ज्यादा ऑक्सीजन पहुंचाती है। सांस लेते समय चार तक गिनें फिर थोड़ी देर रोकें और मुंह से धीरे धीरे छह से आठ तक गिनते हुए सांस छोड़ें। इस प्रक्रिया को पांच मिनट तक दोहराएं।
यह अभ्यास पैरासिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम को सक्रिय करता है जिससे शरीर रिलैक्स मोड में आ जाता है। दिल की धड़कन संतुलित रहती है और मन शांत महसूस करता है। सुबह उठते ही अगर यह आदत अपना ली जाए तो पूरे दिन तनाव से बचाव होता है।
मानसिक और शारीरिक सेहत का आसान उपाय
धीमी और गहरी सांस शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति बेहतर करती है। इससे दिमाग साफ और एकाग्र रहता है। चिंता और घबराहट में कमी आती है। जो लोग अनिद्रा या बेचैनी से परेशान रहते हैं उनके लिए भी यह अभ्यास बेहद फायदेमंद है।
आज जब मानसिक स्वास्थ्य बड़ी चुनौती बन चुका है तब यह सरल अभ्यास किसी दवा से कम नहीं है। पांच मिनट का यह समय खुद को देने से तन और मन दोनों स्वस्थ रह सकते हैं।

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